भोपाल संभाग के 550 सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर
 
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संभागायुक्त श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव द्वारा भोपाल संभाग के प्रत्येक जिले में न्यूनतम 100 शालाओं में अमूलचूल परिवर्तन लाने की पहल की गई है। इसके तहत भोपाल संभाग के 500 स्कूलों में सीएसआर(कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) एवं शिक्षा उपकर आदि के द्वारा चयनित शालाओं में अद्योसंरचना सुधार हेतु संपूर्ण कार्य जैसे कि अध्यापन हेतु अतिरिक्त कक्ष, कक्षा हेतु फर्नीचर, शौचालय, यूरिनल और बाउंड्रीवॉल आदि का निर्माण तथा छात्रों की पढ़ाई में सुविधा हेतु स्मार्ट क्लास, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कम्प्यूटर लैब एवं खेल सुविधा का विकास कार्य आदि किए जायेंगे। इस हेतु संभागायुक्त द्वारा 5 जिले रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा एवं भोपाल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचयत, जिला शिक्षा अधिकारी, परियोजना अधिकारी डूडा, नगर पालिका अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक आदि के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई।

        वीडियो कान्फ्रेंस में संभागायुक्त द्वारा निर्देश दिए गए कि समस्त कार्यों के प्राक्क्ल एवं इस्टीमेट तैयार कराई जाये और उन्हें मार्च अंत तक कार्य प्रारंभ किए जाएं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भोपाल द्वारा अवगत कराया गया कि भोपाल जिले में 11 स्कूलों में स्मार्ट क्लास प्रारंभ की गई है साथ ही 20 शालाओं में वाटर कूलर, वाटर प्यूरीफायर एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा कराया जायेगा। इसके अतिरिक्त बीपीसीएल, इंडियन ऑयल, एनएससीएल, बीएचईएल और एलआईसी आदि पब्लिक सेक्टर प्रबंधकों के साथ बैठक की गई है एवं इनके सहयोग से और सीएसआर और अन्य मद में 50 से अधिक विद्यालयों में संपूर्ण अद्योसंरचना विकास जैसे प्रयोग शाला, लायब्रेरी, और कम्प्यूटर लैब आदि का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी कारर्पोरेशन द्वारा 10 हाई स्कूल, हायर सेकेण्ड्री स्कूल का निर्माण किया गया है। शिक्षा उपकर इअंतर्गत भोपाल जिले में भोपाल शहर की 93 स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। जिला रायसेन में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के माध्यम से 13 स्कूलों में कम्प्यूटर एवं साइंस लैब तैयार कराई जा रही है जिसके साथ ही 27 स्कूलों में विभिन्न कार्य चयनित किए गए हैं जिसमें सीएसआर के माध्यम से विभिन्न्‍उद्योगों एवं पब्लिक सेक्टर का सहयोग लेते हुए 2.24 करोड़ का कार्य करवाए जायेंगे। नगरीय क्षेत्रों एवं नगर पालिका में 99 लाख रूपये के इस्टीमेट तैयार करवाए गए हैं जिनसे लगभग 50 विद्यालयों में अद्योसंरचना के कार्य किए जायेंगे। सीहोर जिले में 19 शालाओं में जिला माइनिंग फंड एक करोड़ 40 लाख के कार्यों का प्राकक्लन तैयार करवाए गए हैं एवं 21 अन्य शालाओं सीएसआर फंड से कार्य कराने के लिए बड़े उद्योगों के प्रबंधकों के साथ जिला प्रशासन द्वारा बैठक की गई है जिसमें उद्योगों ने सीएसआर फंड से कार्य करवाने की स्वीकृति प्रदान की है। सीहोर जिले के नगर पालिका ने स्कूलों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक करोड़ 54 लाख रूपये शिक्षा उपकर में उपलब्ध है जिसमें 14 प्राथमिक, माध्यमिक एवं 12 हाई स्कूल हायर सेकेण्ड्री स्कूलों में मूलभूत परिवर्तन करने हेतु प्राक्कलन तैयार करवाए जा रहे हैं।

    इसी तरह राजगढ़ जिले में ईसीजीसी द्वारा 32 स्कूलों में सीएसआर फंड में से स्मार्ट क्लास निर्मित की गई है और अन्य स्कूलों में प्रारंभ कराने के प्रस्ताव भेजे गए हैं 32 स्कूलों में फर्नीचर प्रदाय करने के प्रस्ताव ईसीजीसी अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। नगरीय क्षेत्र में शिक्षा उपकर अंतर्गत 1.50 करोड़ रूपये की राशि उपलब्ध है जिसमें से 74 लाख रूपये के कार्य विद्यालयों में करवाए जाना स्वीकृत किया गया है। सांसद एवं विधायक निधि से भी बड़े पैमाने पर विद्यालयों में फर्नीचर, लायब्रेरी, प्रयोगशाला और बाउंड्रीवाल आदि के कार्य कराने की योजना बनाई गई है। जिला विदिशा में 48 शालाओं में शिक्षा उपकर के माध्यम से शौचालय, यूरिनल, पेयजल व्यवस्था, साइंस लैब, कम्प्यूटर लैब के कार्य प्रारंभ किए गए हैं। सीएसआर फंड अंतर्गत ल्यूपिन कंपनी के 9 शालाओं में स्मार्ट क्लास एवं 10 शालाओं में विधायक निधि से स्मार्ट क्लास प्रारंभ किए गए हैं। डीसीआईएल के सहयोग से 70 शालाओं में स्मार्ट क्लास बनाई जायेगी। इसके अतिरिक्त 70 किचिन शेड प्राथमिक शालाओं में तैयार कराए जा रहे हैं जिसमें वॉश एरिया एवं डाइनिंग रूम का प्रावधान भी रहेगा।

    वीडियो कान्फ्रेंसिंग के अंत में संभागायुक्त ने समस्त कार्य वित्तीय वर्ष मार्च 2020 के अंत तक प्रारंभ करवाने एवं जुलाई माह में नवीन सत्र संचालित होने के पूर्व उक्त समस्त कार्य पूर्ण कराने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं उपस्थित समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया है साथ ही समस्त कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के द्वारा सीएसआर एवं शिक्षा उपकर के माध्यम से शासकीय शालाओं के कायाकल्प हेतु प्रारंभ किए गए कार्यों की सराहना भी की गई।